श्री सुखविंदर, श्री पंकज नवानी, श्री अर्ल रैट्रे, श्री दीपक

एक जुनून ने उन सभी को बिनसर फार्म की कहानी लिखने के लिए सीमाओं को तोड़ते हुए एकजुट ला दिया। यह तीन भारतीय इंजीनियरों और न्यूजीलैंड डेयरी के एक दिग्गज की कहानी है। जो भारतीय खेती में एक नया बैंचमार्क (मानदंड) स्थापित करना चाहते हैं। पंकज, सुखविंदर और दीपक भारत में किसानों का दर्जा बढ़ाने के लिए एक समान जुनून रखते हैं। उनका दृढ़ विश्वास है कि 'खेती' को एक व्यावसायिक उद्यम के रूप में पहचान देने की आवश्यकता है। तीनों ने सबसे पहले उत्तराखंड की पहाड़ियों से दाल, फल और अनाज प्राप्त करने के लिए एक ग्राम-स्तरीय सहकारी समिति बनाने का परीक्षण शुरू किया। हालांकि, इस विचार ने पूर्ण रूप से आकार नहीं लिया। इस विचार के लिए अवसरों की तलाश की जा रही थी| फिर जब श्री अर्ल ने हाथ मिलाया, तब बिनसर फार्म एक विचार से एक उद्यम बनकर उभरा।